इंजीनियरिंग विंग
नौवहन महानिदेशालय के इंजीनियरिंग विंग का दायित्व भारतीय ध्वज के अधीन पोतों की सुरक्षा, अनुपालन और स्थिरता सुनिश्चित करना है। यह विंग मुख्य सर्वेक्षक-सह-अपर नौवहन महानिदेशक(तकनीकी) के नेतृत्व में कार्य करता है, और इसमें प्रधान अधिकारी, उपमुख्य सर्वेक्षक तथा इंजीनियर एवं पोत सर्वेक्षक की समर्पित टीम शामिल है, जो समुद्री क्षेत्र में तकनीकी मानकों की निगरानी करती है। हमारा उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संधियों का पालन करवाना, पर्यावरण अनुकूल पोत परिवहन को बढ़ावा देना तथा समुद्री जीवन और पर्यावरण की रक्षा के लिए आवश्यक नियमों को लागू करना है।
प्रमुख उत्तरदायित्व :
- भारतीय पोतों (यात्री पोतों सहित) का सर्वेक्षण और प्रमाणन सुनिश्चित करना ताकि वे वैधानिक आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन (आईएसएम) कोड का पालन करें।
- पत्तन राष्ट्र कंट्रोल और ध्वज राष्ट्र कार्यान्वयन की निगरानी करना ताकि निम्न-स्तरीय नौवहन को समाप्त किया जा सके और मारपोल तथा पर्यावरण अनुकूल पोत परिवहन नियमों को लागू किया जा सके।

- हॉन्गकॉन्ग कन्वेंशन को लागू करना तथा पोत पुनर्चक्रण गतिविधियों को विनियमित करना।
- जीवनरक्षक प्रलेखों और अग्निशमन यंत्रों की सेवा स्टेशन, बंकर आपूर्तिकर्ता तथा मान्यता प्राप्त संगठनों (ROs) की निगरानी और ऑडिट करना।
- एसटीसीडब्ल्यू कन्वेंशन मानकों के अनुरूप समुद्री इंजिनियरों की परीक्षा और प्रमाणन करना।
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन की प्रमुख समितियों जैसे MEPC, TCC, और III में भारत का प्रतिनिधित्व करना और संबंधित कार्यसमूहों में भाग लेना।
सोलास, मारपोल, BWM, AFS, एसटीसीडब्ल्यू, FSS, आईएमएम, IGF, NOx आदि जैसी अंतरराष्ट्रीय संधियों और कोडों का अनुपालन लागू करना।
हमारा दृष्टिकोण और मिशन
हमारा मिशन एक सुरक्षित, अनुपालक और पर्यावरणीय रूप से सतत समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है, जो राष्ट्रीय प्रथाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाते हुए समुद्रीय इंजिनियरिंग और जहाज सुरक्षा में तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है।
इंजीनियरिंग विंग के बारे में
हमारा इंजीनियरिंग विंग नौमनि आदेश संख्या 16/2013 के अंतर्गत कार्य करता है, जो विंग द्वारा प्रबंधित की जाने वाली प्रमुख जिम्मेदारियों को परिभाषित करता है। नौमनि के इंजीनियरिंग विंग का प्रत्येक अधिकारी विशिष्ट कार्यों के लिए नामित किया गया है, जिससे समुद्री क्षेत्र में सुचारू और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों द्वारा कार्यों का मानचित्रण
अधिकारियों को सौंपे गए कार्यों का स्पष्ट विभाजन उपलब्ध है ताकि उत्तरदायित्व और निष्पादन में पारदर्शिता बनी रहे।
मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOPs)
तकनीकी कार्यों के लिए निर्धारित मानक प्रचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) तैयार की गई हैं, जिनका पालन इंजीनियरिंग विंग द्वारा किया जाता है।